महाविद्यालय का इतिहास

वैशाली महविद्यालय की स्थापना 04. 01. 1971 को हुई । यह महविद्यालय रेलवे स्टेशन से १ की मी की दुरी पर है ।
साथ ही डीo एमo निवास एवं कार्यालय से 500 मीटर की दुरी पर है । इस महाविद्यालय में कला प्रतिस्था स्तर तक की पढाई की व्यवस्था है एवं इनके नामांकन विश्वविद्यालय के आदेशानुसार प्रारंभ होता है ।

 

स्रदेय श्री कृष्णा कुमार बूबना जी के सहयोग से इस महाविद्यालय की स्थापना की गई ।


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वैशाली महविद्यालय की स्थापना 04. 01. 1971 को हुई । यह महविद्यालय रेलवे स्टेशन से १ की मी की दुरी पर है ।
साथ ही डीo एमo निवास एवं कार्यालय से 500 मीटर की दुरी पर है । इस महाविद्यालय में कला प्रतिस्था स्तर तक की पढाई की व्यवस्था है एवं इनके नामांकन विश्वविद्यालय के आदेशानुसार प्रारंभ होता है ।

स्रदेय श्री कृष्णा कुमार बूबना जी के सहयोग से इस महाविद्यालय की स्थापना की गई ।

महाविद्यालय में निर्धन छात्राओं के लिए निःशुल्क अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है ।

महाविद्यालय में निर्धन छात्राओं के लिए निःशुल्क अध्ययन की सुविधाएँ :-

1. महाविद्यालय के प्रत्येक वर्ग में नामांकित छात्रा की कुल संख्या के 12.5 % निर्धन छात्रा को निःशुल्क अध्ययन की सुविधा दी जाएगी ।

2. शैक्षणिक सत्र के पूर्णरूपेण प्रारंभ हो जाने पर प्राचार्या द्वारा सुचना देकर इस कार्य के लिए छात्रा से आवेदन-पत्र मांगे जायेंगे । आवेदन पत्र की प्रति कार्यालय से प्राप्त होगी । इस कार्य के लिए आवेदन पत्र मांगे गए निर्धनता एवं सम्पति के प्रमाण-पत्र एवं अन्य पत्रक आवेदिका को आवेदन-पत्र के साथ प्रस्तुत करने होंगे । प्रतेक वर्ग के आवेदिका की अलग-अलग निह्शुल्कता समितिओं द्वारा अंतर्विक्षा की जाएगी । अंतर्विक्षा की तिथि की सूचना तथा समय छात्राओं को दे दी जाएगी । निह्शुल्कता प्राप्त करने के मुख्य आधार निर्धनता, योग्यता और समाज सेवा कार्य में सक्रियेता होगी ।

3. निःशुल्क अध्यन की सुविधा प्रदान करने के बाद यदि किसी छात्रा को लोक-सेवा निदेशक द्वारा निर्धनता सह- योग्यता की वृतिका (स्टाईपेंड) अथवा राष्ट्रीय योग्यता छात्रवृति, राष्ट्रीय ऋण छात्रवृति अथवा अन्य किसी प्रकार की छात्रवृति दूसरी जगह से मिल जाएगी तो उसकी निह्शुल्कता वापस ले ली जाएगी और उसके स्थान पर अन्य उपयुक्त निर्धन योग्य छात्रा को वह सुविधा दी जाएगी ।

4. पिछड़े वर्गों की प्रथम अनुसूची के किसी भी जाति के छात्रा को निःशुल्क अध्यन की सुविधा लेने के लिए किसी राजपत्रित अधिकारी के समक्ष अपने अभिभावक से हस्ताक्षरित करवाकर यह घोषणा करनी होगी की उसे निम्नलिखित कर नहीं लगते :- 1. आय कर 2. कृषि आय कर 3. विक्रय कर .

निर्धन- छात्रा- सहायता- कोष:-

महाविद्यालय के प्रतेक छात्रा से नामांकन के समय Student Aid Funds से जो वार्षिक शुल्क लिया जाता है उसका उपयोग मुख्यतः निर्धन और योग्य छात्रा को विश्वविद्यालय की परीक्षा के अवसर पर परीक्षा शुल्क के मद में अथवा इस कोष से किसी भी समय विशेष विपन्न छात्रा को आर्थिक सहायता दी जा सकती है ।

अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी जाति, अनुसूची-1 एवं 2 तथा मोमिनों के लिए निर्धारित शुल्क में छुट :-

अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, अनुसूची -१ एवं २ अदिवाशियों एवं मोमिनों के लिए निर्धारित शुल्क में सरकारी निर्देशानुसार छुट की व्यवस्था है । इन वर्गों के विद्यार्थियों से शिक्षण शुल्क नहीं लिया जाता है । वह राशी सरकार देती है । प्रवेश शुल्क में भी छुट की व्यवस्था है । इन वर्गों के विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय परीक्षा शुल्क में भी छुट है । लेकिन यह छुट किसी एक वर्ग की परीक्षा के लिए एक बार मिलती है । यह उल्लेखनीय है की जब एक से अधिक प्रकार की आर्थिक सहायता एक ही छात्रा को मिल जाति है तो किसी एक ही स्रोत की सहायता सम्बंधित छात्रा को दी जाति है, दूसरा लाभ उठाना अवैध है । एक छात्रा कोई एक ही सहायता अथवा अनुदान प्राप्त कर सकती है ।