महाविद्यालय का इतिहास

वैशाली महविद्यालय की स्थापना 04. 01. 1971 को हुई । यह महविद्यालय रेलवे स्टेशन से १ की मी की दुरी पर है ।
साथ ही डीo एमo निवास एवं कार्यालय से 500 मीटर की दुरी पर है । इस महाविद्यालय में कला प्रतिस्था स्तर तक की पढाई की व्यवस्था है एवं इनके नामांकन विश्वविद्यालय के आदेशानुसार प्रारंभ होता है ।

 

स्रदेय श्री कृष्णा कुमार बूबना जी के सहयोग से इस महाविद्यालय की स्थापना की गई ।


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स्नातक कला एवं वाणिज्य स्नातक पाठ्यक्रम

1. स्नातक सामान्य पाठ्यक्रम (Pass Course)

स्नातक पासकोर्स तीन वर्षों का होगा । प्रतेक वर्ष के अंत में विश्वविद्यालय परीक्षा होगी । (पार्ट-1 , पार्ट-2 तथा पार्ट-3 ) पाठ्यक्रम का Structure इस प्रकार होगा :-

Structureसामान्य पत्र भाषा पत्र कुल
स्नाo कला/ वाणिज्य (पार्ट-1) 3 पत्र 1 पत्र 4 पत्र
स्नाo कला/ वाणिज्य (पार्ट-2) 3 पत्र 1 पत्र 4 पत्र
स्नाo कला/ वाणिज्य (पार्ट-3) 3 पत्र 1 पत्र 4 पत्र

प्रत्येक पत्र 100 अंकों का होगा , जिसमे प्रायोगिक का अंक सम्मलित है ।

1. प्रत्येक विद्यार्थी निम्नलिखित में से एक भाषा विषय लेंगे :-

संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू ।

2. प्रत्येक विद्यार्थी निम्नलिखित में से तीन विषयों को लेंगे :-

(i) कला वर्ग : (क) इनमे से कोई एक भाषा विषय :- संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू ।

(ख) इतिहास (ग) राजनीतिशास्त्र (घ) गणित (ज्ञ) मनोविज्ञान (च) दर्शनशास्त्र (छ) अर्थशास्त्र (ज) गृह विज्ञान

2. स्नातक प्रतिष्ठा कोर्स (Hons Course)

प्रतिष्ठा कोर्स तीन वर्षों का होगा । प्रतेक वर्ष के अंत में विश्वविद्यालय परीक्षा होगी । (Part-I, Part-II, Part-III) का Structure इस प्रकार होगा ।

Structureप्रतिष्ठा पत्र सहायक पत्र भाषा पत्र कुल
स्नाo कला/ वाणिज्य (पार्ट-1) 2 पत्र 2 पत्र 1 पत्र 5 पत्र
स्नाo कला/ वाणिज्य (पार्ट-2) 2 पत्र 2 पत्र 1 पत्र 5 पत्र
स्नाo कला/ वाणिज्य (पार्ट-3) 4 पत्र 1 पत्र (G.S.) 1 पत्र 5 पत्र